Introspective ramblings!!! there is nothing new just nostalgia
Monday, February 2, 2009
एक दुआ.....
अए मेरे मालिक...मुझ पर भी रहेम् कर अए मेरे मालिक...मुझ पर भी नज़र कर, अब ये मेरे बस का नहीं, ख़तम मेरा येः इंतेज़ार कर अए मेरे मालिक .. मुझे मेरी बर्बादी के ज़रिये ही सही... अब तो आबाद कर अए मेरे मालिक...मुझ पर भी रहेम् कर
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